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Tamil Jain cave at Karungalakudi


कारुंगलकुडी :- कारुंगलकुडी मदुरै नगर से लगभग 50 किलोमीटर की दुरी पर उत्तर पूर्व दिशा में स्थित है। यह स्थान मदुरै जिले के मेलुर तालुका में स्थित है। यह स्थान तमिलनाडु राज्य के ईसा काल से प्रारंभिक मध्य कालीन शताब्दियों तक के शानदार जैन इतिहास का साक्षी है।

मदुरै नगर के आस पास स्थित अनेक प्राचीन जैन गुफाओं में कारुंगलकुडी एक महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है। इस स्थान पर प्राचीन जैन गुफा , शैल शैय्याऐं तीर्थंकर प्रतिमा वट्टेज़ुथू लिपि और तमिल ब्राह्मी में लिखित शिलालेख प्राप्त हुए है।

कारुंगलकुडी ग्राम से लगभग 1.5 किलोमीटर दूरी पर दक्षिण पूर्व दिशा में ग्रेनाइट की चट्टानें स्थित है। इन ग्रेनाइट की चट्टानों के पूर्वी छोर पर एक प्राकृतिक गुफा स्थित है। इस स्थान को तमिल भाषा में "पंच पाण्डवर पादुकै " कहा जाता है जिसका अर्थ होता है की "पांच पांडव की शैय्याऐं " . इन प्राकृतिक गुफाओं का उपयोग प्राचीन काल में जैन मुनियों के द्वारा ध्यान और रहने के लिए किया जाता था।

इस प्राकृतिक गुफा के पास एक लटकती हुई ग्रेनाइट की चट्टान पर एक तीर्थंकर प्रतिमा स्थित है। इस प्रतिमा के नीचे वट्टेज़ुथू लिपि में एक शिलालेख पाया गया है जिस में इस शिलालेख के लेखक आचार्य अज्जानन्दी का उल्लेख मिलता है। इस तीर्थंकर प्रतिमा का काल 9 वी शताब्दी निर्धारित किया गया है।

Karungalakkudi: - Karungalakkudi is situated about 50 kilometers in north east direction of Madurai in Melur taluk. The place is witness of glorious past of Jainism in Tamil land during Christian era to early medieval period.

This is also one of the ancient places near Madurai with stone beds, Jina Sculpture and cave paintings. There is a hill nearby village is called Panchapandvarkuttu. It possesses a natural cave made from granite contains Brahmi script and stone beds used by Jain monks.

The cave is situated at about 1.5 kilometers south east of village Karungalakkudi. On a side of this natural cave a Jina sculpture is carved on a overhanging big boulder. This sculpture has also some vattezutu script below side which tells us the authorship of this place belongs to Ajjanandi Acharya. This sculpture is believed to be carved in 9 century AD. The vattezutu script is to be hailed from 9-10th century AD

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